कभी ऐसा हो जाए, हाँ!!
कभी ऐसा हो जाये!
कभी ऐसा हो जाए, हाँ!!
कभी ऐसा हो जाये!
धड़कन ये तेज़ चलने लगे,
साँसों की लय बढ़ने लगे।
आँखें टिकी हों रास्ते पर,
नींद से लड़ने लगें।
फिर नींद से लड़ते हुए,
आँखें ये देखें ख़्वाब वो।
जिसमें हों तू और मैं लिए,
फिर दोस्ती की शराब को।
अभी ख़्वाब में है तू खड़ा,
जो सामने आ जाए गर।
एक पल में ये दिल हँस पड़े,
सपना सच्चा हो जाए!!!
कभी ऐसा हो जाए, हाँ!!
कभी ऐसा हो जाये! X 2....
जो सामने आ जाए तू,
तुझको गले से लगा लूँ मैं।
यारी को रक्खूँ याद बस,
सारे जहाँ को भुला दूं मैं।
तेरे साथ बातों-बात में,
फिर गुज़रे वक़्त में चल पड़ूँ।
फिर दिन पुराने मैं जिऊँ,
मैं फिर सफ़र पे निकल पड़ूँ।
हम साथ में फिर हँस सकें,
तुझे मैं ये फिर से कह सकूँ!
जो यार तुझसे ना मिलूँ,
जीना मुश्किल हो जाए!!!
कभी ऐसा हो जाए, हाँ!!
कभी ऐसा हो जाये! X 2....
अभी सामने आया नहीं,
आई है बस इसकी ख़बर।
सुनकर जिसे ही है ख़ुशी,
मैं हो गया हूँ बेसबर।
जिस दिन तुझे मिल जाऊँगा,
दिल चैन ये पा जाएगा।
फिर दोस्ती का दिल जो है,
उसको क़रार आ जाएगा।
आँखों में फिर होगा सुकूँ,
जब ख़्वाब सच हो जाएगा।
अब इंतजारी है यही,
तू जल्दी से आ जाए!!
कभी ऐसा हो जाए, हाँ!!
कभी ऐसा हो जाये! X 2...
- अंशुल।