वक़्त चलता है ,साथ उसके यूँ चलते रहिए,
ख़ुद ही ख़ुद के लिए, ख़ुद को भी बदलते रहिए।।
ज़िन्दगी जो भी है, ये आप सँवर जाएगी,
कोशिशें कीजिए, बस कोशिशें करते रहिए।।
एक ही है उसूल बस के यहाँ जीने का,
मंज़िलें पा के, नई राहों पे चलते रहिए।।
ढल न पाए जो ज़िंदगी तुम्हारे साँचे में,
क्या बुरा है कि ख़ुद ही साँचे में ढलते रहिए।।
राह आसान नहीं है तुम्हारे वास्ते तो,
चलते रहिए, न कि घबरा के यूँ टलते रहिए।
- अंशुल।।
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